जीवन के गीत लिखो ! जितनी भी पीड़ा हो, तुम हँसते मीत दिखो संकल्पी आँखों में, सूरज के सपने ले अँधेरी रातों में एक दिया बार दो पलकों पर जो ठहरे, आंसू उनको भी तुम मोती सी कीमत तो, अंतस सा प्यार दो औ… more →
वाणीvikash wrote 1 year ago: जीवन के गीत लिखो ! जितनी भी पीड़ा हो, तुम हँसते मीत दिखो संकल्पी आँखों में, सूरज के सपने ले अँधेर … more →