बेबाक हुस्न देखा तेरी क़ज़-अदाएं देखीं एक पल में ही जहाँ की सारी बलाएं देखीं कभी आसमां में इतने बादल नहीं थे देखे ज़ुल्फ़ों में तेरी हमने जितनी घटाएं देखीं उनकी वफ़ाओं का बस मुक़ाबिला नहीं है यूँ तो जहाँ मे… more →
इक शायर अंजाना सा...विनय wrote 6 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →
विनय wrote 1 year ago: मुझसे कोई प्यार कर ले दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले मुझसे कोई प्यार कर ले… तन्हाइयों का दर्द छ … more →
विनय wrote 1 year ago: यक़ीनन तुम्हारे हुस्न पे लाखों मरते होंगे मगर जो तुम पर मिट गया वह ‘नज़र’ है मेरी इब्तिदा … more →
विनय wrote 1 year ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना बस इतना जाना प्यार में तेरे मैं हो गया दीवाना पहली नज़र में होश … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं तेरे इश्क़ की छाँव में जल-जलकर कितना काला पड़ गया हूँ, आकर देख तू मुझे हुस्न की धूप का एक टुकड़ा … more →
विनय wrote 1 year ago: गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे महक उठी रिदा यह चाँदनी की… शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है शा … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: बेबाक हुस्न देखा तेरी क़ज़-अदाएं देखीं एक पल में ही जहाँ की सारी बलाएं देखीं कभी आसमां में इतने बादल न … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: हुस्न पर हर पल नये जमाल रहते हैं चेहरे पे हर मिजाज़ के विसाल रहते हैं मिलने की आरज़ू में और मिलने के ब … more →
विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →
विनय wrote 1 year ago: चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की मस्ती चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की … more →
विनय wrote 1 year ago: दूदे-तन्हाई के उस पार क्या है वह ख़ुद है या उसके हुस्न की ज़या है बेवजह किसी की याद यूँ सताती नहीं मे … more →
विनय wrote 1 year ago: किसी आस्माँ के परे तो तेरी मुहब्बत का हासिल मिलेगा कितनी तन्हाइयाँ तय करें कब हमें इनका हासिल मिलेगा … more →
विनय wrote 1 year ago: ऐनक उतार के ख़ुद को आइने में कभी देखा होता कि इक नूर का टुकड़ा हो मेरे ख़ाबों में चुभता है जो … more →
विनय wrote 1 year ago: सिवा इससे जो भी हो, करेंगे महब्बत तुझ बिन किसी से न करेंगे क़ज़ा ने भी हमसे ताक़त आज़माई की तुझ बिन हम ज … more →