मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने मुझको सदा ख़ुशबू के इक बादल के पार देखा और मैं चाह कर भी कभी उसको इस तरह न देखूँगा मैं सबसे बुरा था … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने … more →