हर तराशा हुआ बुत ख़ुदा नहीं होता हर आँख में दिल का आईना नहीं होता रही होंगी शायद कोई मजबूरियां उसकी वो छोड़ के जाने से बेवफ़ा नहीं होता दिल टूटना इत्तेफ़ाक़ भी तो हो सकता है हर इत्तेफ़ाक़ ज़िंदगी में हादसा नह… more →
इक शायर अंजाना सा...wrote 1 year ago: हर तराशा हुआ बुत ख़ुदा नहीं होता हर आँख में दिल का आईना नहीं होता रही होंगी शायद कोई मजबूरियां उसकी व … more →
wrote 1 year ago: इश्क़ हर इक का हल नहीं होता मसला हर इक सरल नहीं होता तुझको देखा तो फिर यकीं आया फूल हर इक कँवल नहीं ह … more →