जीवन के सब रंग लायी, देखो होली आई, लगा के ये रंग क्यों न आज, हम फिर जी उठे, खेल के ये रंगी होली क्यों न आज, हम फिर जी उठे, रंगो के इस त्यौहार मे, सब रंगे हुए है, हम भी रंगे हुए क्यों फिर, बेरंग से है,… more →
मेरे दिल ने...Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जीवन के सब रंग लायी, देखो होली आई, लगा के ये रंग क्यों न आज, हम फिर जी उठे, खेल के ये रंगी होली क्यो … more →