जो नर न खेले फाग कल जायेगी उसकी बीवी भाग और यदि वो हो एक नारी मिले न उसको सुन्दर साड़ी शौहर उसका पी के भंग करे पडोसन संग हुरदंग न मान बुरा मेरी बातों का भूत हुआ मैं लातों का आज नहीं खुद में रहना है जो … more →
परिचर्चाprithvi wrote 2 months ago: खेती के दिनों में पढाई ……….. गेंहू की कटाई का काम जोर शोर से चल रहा है और स्कूली … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: रात की रौशनी में चमकने वाले चेहरे सुबह सूरज की पहली किरण में ही फक नजर आते हैं। सौंदर्य के सच की धूप … more →