एक पल में ही हज़ारों मुद्दतों की बात हो ज़हन में जो ले रहीं उन करवटों की बात हो आओ बोलें प्यार के इख़लास के कुछ लब्ज़ हम ये कहां की बात के बस नफ़रतों की बात हो इक नया ही चाँद लाकर अब उजाला हम करें अब नई सी… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: एक पल में ही हज़ारों मुद्दतों की बात हो ज़हन में जो ले रहीं उन करवटों की बात हो आओ बोलें प्यार के इख़ला … more →