Blogs about: क़तरा
Featured Blog
तुम मेरे हो
तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों दूरियाँ, कितने हों फ़ासले तुम मेरे हो, तु… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
तुम मेरे हो
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला मु … more »
मेरी आँखों पर जो था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँच … more »
तुम न समझोगे
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे … more »
कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त कि क़तराए-ख़ूँ … more »
मेरी मोहब्बत है तू कहाँ
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी मोहब्बत, है तू कहाँ, तू कहाँ है जिस … more »
क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ
Rohit Jain wrote 2 months ago: क़तरा क़तरा पिघल रहा हूँ तेरी आँच में मै … more »
ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है जिस … more »
शीशाए-अश्क आते रहे
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: शीशाए-अश्क आते रहे क़तरा-क़तरा लहू रुलात … more »
क़तरा-क़तरा गलायेगा मेरे दिल को
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और … more »
