रचना: दाग़ दहलवी स्वर: ग़ुलाम अली ख़त दीजिये छुपाके मिले वो अगर कहीं लेना न मेरे नाम को ऐ नामबर कहीं तुम्हारे ख़त में नया इक सलाम किसका था न था रक़ीब तो आख़िर वो नाम किसका था वो क़त्ल कर के हर किसी से पूछते … more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: मुन्नी बेग़म / ग़ुलाम अली नीयत-ए-शौक़ भर न जाय कहीं तू भी दिल से उतर न जाय कहीं … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: मुनीर नियाज़ी स्वर: ग़ुलाम अली बेचैन बहुत फिरना घबराये हुए रहना इक आग सी जज़बों की बहकाये हुए रहन … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: अक़बर इलाहाबादी स्वर: ग़ुलाम अली अंदाज़ अपने देखते हैं आइने में वो और ये भी देखते हैं कोई देखता न … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: ग़ुलाम अली गीतकार: आनन्द बख्शी फ़िल्म: आवारगी चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला मेरी आवारगी न … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: शायर: क़मर जलाबादी स्वर: ग़ुलाम अली/ नूरजहाँ कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को न जाने कैसे ख़बर हो गई जमा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: शायर: मसरूर अनवर स्वर: ग़ुलाम अली दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया; जब चली सर्द हवा मैनें तुझे … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: हसरत मोहानी स्वर: ग़ुलाम अली चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना … more →