इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, देने वाले ने उन को हुस्न दिया, और अता मुझ को आशिकी कर दी, तुम ने जुल्फों को रुख पे बिखरा कर, शाम रं… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 months ago: इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, … more →
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो वो सितारा है चमकने दो यूँ … more →
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: आँख से दूर न हो दिल से उतर जायेगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जायेगा इतना मानूस न हो ख़िलवतेग़म से … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: रिंद जो मुझको समझते हैं उन्हे होश नहीं मैक़दासाज़ हूं मै मैक़दाबरदोश नहीं पांव उठ सकते नहीं मंज़िल-ए-जान … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वस्ल की रात तो राहत से बसर होने दो शाम से ही है ये धमकी के सहर होने दो जिसने ये दर्द दिया है वो दवा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हर गोशा गुलिस्तां था कल रात जहां मै था एक जश्न-ए-बहारां था कल रात जहां मै था नग़्मे थे हवाओं में जादू … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: घर से हम निकले थे मस्जिद की तरफ़ जाने को रिंद बहका के हमें ले गये मैख़ाने को ये ज़बां चलती है नासेह के … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक दीवाने को ये आये हैं समझाने कई पहले मै दीवाना था और अब हैं दीवाने कई मुझको चुप रहना पड़ा बस आप का … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या करते हो और फिर आँख चुराते हो ये क्या करते हो बाद मेरे कोई मुझ सा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: खुमारी चढ़ के उतर गई ज़िंदगी यूं ही गुजर गई – 2 कभी सोते सोते कभी जागते ख़्वाबों के पीछे यू ही … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ऐसी आंखें नही देखी, ऐसा काजल नही देखा, ऐसा जलवा नही देखा, ऐसा चेहरा नही देखा, जब ये दामन की हवा ने, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने, अब गुजारेगा मेरे साथ ज़माने कितने, मैं गिरा था तो बहुत लोग रु … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद, अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद, जिन आंखों में … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें, बोलो तुमको गैर लिखें या अपना मीत लिखें, नीले अम्बर की अंगनाई … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: गम मुझे हसरत मुझे वहशत मुझे सौदा मुझे, एक दिल देकर खुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे, ये नमाज-ऐ-इश्क है … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे, मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ खुदा न करे, रहेगा साथ तेरा प् … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: कह कह कर तुझ पर ग़ज़ल मै मीर हो गया मसला दिल का ऐसा उलझा कश्मीर हो गया वो आये मेरे करीब तो यारों यूँ ल … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिसे लोग कहते है हिंदुस्तान है, यही अपने खावाबो का प्यारा जहान है, कई मज्हबो का यहा एक निशान है, ये … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निछार होता कोई फ़ितना था क़यामत ना फिर … more →