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Blogs about: ज़ख़्म

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दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 9 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, दिल, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम

उस्लूब, उस्लूब, उस्लूब5 comments

विनय wrote 1 year ago: उस्लूब*, उस्लूब, उस्लूब क्या पढ़ने वाले इनको समझते हैं वज़नी हो सीने पर गर ज़ख़्म उसे पढ़ने वाले दर्द … more →

Tags: रुबाइयाँ, Art, इश्क़, उस्लूब, दर्द, प्यार, प्रेम, मोहब्बत, वज़नी

बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म

विनय wrote 1 year ago: बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म साँस के एक ही धागे में टुकड़े-टुकड़े बिखरी हुई ज़िन्दगी बहुत नज़दीक़ लगी है त … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, साँस, Life, scar

हम में जीतने का हौसला है

विनय wrote 1 year ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बाज़ी भी हम मारकर जायेंगे यह ज़ख़्म जाविदाँ नहीं रहने वा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हौसला, इश्क़, दर्द, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, नज़र

ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?

विनय wrote 1 year ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सावन बुलाये, कहाँ हो तुम? अपने हश्र तक पहुँचा ‘नज़र … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, सावन, प्यार, मोहब्बत, नज़र, death

ख़राश ज़ख़्म बनेगी, घाव करेगी

विनय wrote 1 year ago: ख़राश ज़ख़्म बनेगी, घाव करेगी और मवाद के दरिये बहेंगे हमने हमेशा ‘वफ़ा’ से लाग रखा एक दिन … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, वफ़ा, घाव, scar, Wound

दिल ख़ुद ख़ला है

विनय wrote 1 year ago: दिल ख़ुद ख़ला है उसमें दूसरी ख़ला क्या होगी मैंने सय्यारों की तरह भटककर देखा है इसमें दूर-दूर तक इसम … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, cheat, ज़िन्दा

आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा2 comments

विनय wrote 1 year ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मेरे दिल तक पहुँचा ज़ख़्म देकर जो उसका जी न भरा दिल उसका मेरे दि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ुशी, हासिल, इश्क़, दर्द, Heart, Love, eyes, haze

इस जानिब य उस जानिब

विनय wrote 1 year ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन ‘ग़ालिब’ एक बला है दर्दे-निहाँ कौन बुरा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, रात, जानिब, नज़र, dream, Night, Silence, दिन

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

विनय wrote 1 year ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस इतने ही! ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी निशान रह गये इतने ही उसने न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, वक़्त, time, Reminisce, याद, दीवाना, बहार, सदा

ज़हर पीकर जीने चले2 comments

विनय wrote 1 year ago: ज़हर पीकर जीने चले कच्चे-पक्के ज़ख़्म सीने चले आँसू सूखे हुए थे पलकों से बरसते हैं सितारे सारी रात चाँ … more →

Tags: मेरा गीत, आँसू, आइना, इश्क़, चाँद, धूल, पलाश, प्यार, प्यास

यह बीते हुए लम्हों का शोर है

विनय wrote 1 year ago: यह बीते हुए लम्हों का शोर है या तन्हाई के ग़म की ख़ामोशी दिल को कुछ शोर जान पड़ता है मगर वह कानों में … more →

Tags: मेरा गीत, दर्द, Love, Frozen, तन्हाई, दिल, ग़म, नाम, Pain

मक़सद है मेरे पास क्या जीने को

विनय wrote 1 year ago: मक़सद है मेरे पास क्या जीने को कहाँ से लाऊँ तुम-सा बहाना जीने को साँस चलती है ज़ख़्म करते हुए कौन कब त … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, प्यार, मोहब्बत, दवा, ख़ता, bruise

दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए1 comment

विनय wrote 1 year ago: दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए वह ख़फ़ा हुआ हम ख़त्म हुए कोसूँ क्या अपनी क़िस्मत को हमें भी कुछ नये इल्म हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, Love, Blame, सावन, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत

अगर आँख रोये

विनय wrote 1 year ago: अगर आँख रोये और दिल सिसकियाँ भरे तो भला बोलो आशिक़ ऐसे में क्या करे इक वो दिन था इक ये आज का दिन है म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, eyes, Curse, ख़ुदा, मर्ज़ी, आशिक़, ख़ुश

इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं

विनय wrote 1 year ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, प्यार, मोहब्बत, नज़र, इम्तिहाँ, Cruelty

माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग

विनय wrote 2 years ago: माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग बेतरह मतलब निकालते हैं लोग हुआ कब मुझ से उनका बुरा किसलिए नाम मेरा उछाल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, लोग, time, आदत, नाम, Pain, कहानी, Friend

क़तरा-क़तरा गलायेगा मेरे दिल को1 comment

विनय wrote 2 years ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और के साथ देखूँ तो मेरे दिल पे क्या गुज़रेगी कैसा महसूस करूँगा बा … more →

Tags: मेरी नज़्म, महसूस, इश्क़, दर्द, Love, डर, प्यार, मोहब्बत, Pain


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