Blogs about: ज़िन्दगी

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मैं तुम्हें चाहता हूँ7 comments

विनय wrote 7 months ago: मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, इंतिज़ार, चाहत, इज़हार, इक़रार

एक ख़ामोश अफ़साना3 comments

विनय wrote 7 months ago: एक ख़ामोश अफ़साना जो तुम्हारी नज़रों ने सुनाया है मुझे काश! वह तुम अपने लबों से मेरे लबों पर लिखती कभी … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पल, ख़ामोश, नज़र, अफ़साना

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 8 months ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम, मुक़ाम

बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म

विनय wrote 11 months ago: बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म साँस के एक ही धागे में टुकड़े-टुकड़े बिखरी हुई ज़िन्दगी बहुत नज़दीक़ लगी है त … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, साँस, Life, ज़ख़्म, scar

अश्क से पहले आँच उठती है5 comments

विनय wrote 1 year ago: अश्क से पहले आँच उठती है जब भी तुझपे आँख टिकती है बाटे हुए सब वक़्त के धागे पर उनमें अब गिरह दिखती है … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, इश्क़, गिरह, Love, time, eyes, प्यार, मोहब्बत

एक दोस्त मेरा भी हो

विनय wrote 1 year ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जिसकी बाँहों में मुझे मिल जाये ज़िन्दगी जो झूठ-मूठ रूठ के सताये … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दोस्त, Heart, Love, light, दिल, प्यार, ख़ुशबू

फिर जी लूँ एक बार4 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 1 year ago: चल पड़े हम अपने रास्ते, मैं इधर, तुम उस ओर, ज़िन्दगी किसी मोड़ पर तुम मुड़ गईं कहीं और । कभी बादलों से … more →

Tags: कविता, Hindi Poetry, Kavita, Poetry, हिन्दी, हिन्दी कविता, hindi

वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा3 comments

विनय wrote 1 year ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मुझे आज भी है इन्तिज़ार तुम्हारा नम है नफ़स-नफ़स मेरे सीने में क्यो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, Moment, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत, साँस, इन्तिज़ार

कभी यूँ भी होता है2 comments

विनय wrote 1 year ago: कभी यूँ भी होता है ज़िन्दगी मिलती है खो जाती है यह शाम उसकी यादों में मुझको डुबो जाती है नहीं यह मुमक … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, possible, प्यार, मोहब्बत, आँसू, Life, Tears

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, एहसास, दर्द, दवा, दिल, दीवाना, दुनिया, निगाह

मैं उससे मोहब्बत करता था

विनय wrote 1 year ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हूँ काँच के दिल में जान भरता हूँ मेरे ख़ाबों में मेरे सपनों में … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, Heart, Love, Moment, अकेला, दिल, प्यार

ज़हर पीकर जीने चले2 comments

विनय wrote 1 year ago: ज़हर पीकर जीने चले कच्चे-पक्के ज़ख़्म सीने चले आँसू सूखे हुए थे पलकों से बरसते हैं सितारे सारी रात चाँ … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, पलाश, आइना, प्यार, मोहब्बत, रात

ख़ुदा ने जब किसी को2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →

Tags: मेरी नज़्म, ईमान, एहसान, ख़ुदा, ग़ैर, चौखट, दरवाज़ा, दिए, हद

ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी

विनय wrote 1 year ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ाने लगी दरख़्त की शाख़ों पर धूप की बूँदें नहीं सूरज का दरिया है … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, Tree, बूँद, चाँद, धूप, इश्क़, Love, प्यार

उफ़! यह छाँव की उमस

विनय wrote 1 year ago: उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम्मीद की धूप रिस गयी है शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, उमस, उम्मीद, उफ़, छाँव, तौबा, धूप, प्यार

अंगीठी में सुलगता कोयला

विनय wrote 1 year ago: अंगीठी में सुलगता कोयला झलोगे तब जाकर धुँआ ज़रा कम उठेगा आँसू अपनी आँख के सब पोंछ दो शायिर: विनय प्रज … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, eyes, धुँआ, आँसू, Life, Tears, आँख, अंगीठी, कोयला

वो वक़्त

विनय wrote 1 year ago: वो वक़्त कि वक़्त हमें सिर पे लिए फिरता था अब है कि मेरे दरवाज़े से गुज़रते हुए डरता है कारू के ख़ज़ाने म … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, वक़्त, time, दरवाज़ा, Life, Money, कारू, ख़ज़ाना, सिक्का

गिरते सितारे को

विनय wrote 1 year ago: हमने आसमाँ से टूटके गिरते सितारे को ज़मीं पे आते देखा है आसमाँ पे था तो चमकता था ज़मीं पे है तो दहकता … more →

Tags: मेरी नज़्म, आसमाँ, सितारे, ज़मीं, फ़र्क़, difference, Earth, Life, sky

मौत और मेरे दर्मियान

विनय wrote 1 year ago: ज़िन्दगी… एक हीरे की अंगूठी है न उंगली में पहन सकूँ न ज़ुबाँ से चाट सकूँ मौत और मेरे दर्मियान बस … more →

Tags: मेरी नज़्म, death, Fate, Life, मौत, अंगूठी, हीरा, ring, diamond


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