शम्मे मजार थी न कोई सोगवार था, तुम जिस पे रो रहे थे वो किसका मजार था, तडपूंगा उम्र भर दिल-ऐ-मरहूम के लिए, कमबख्त नामुराद लड़कपन का यार था, जादू है या तिलिस्म तुम्हारी जुबान में, तुम झूट कह रहे थे मुझे… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: शम्मे मजार थी न कोई सोगवार था, तुम जिस पे रो रहे थे वो किसका मजार था, तडपूंगा उम्र भर दिल-ऐ-मरहूम के … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: अब के बरस भी वो नही आया बहार में, गुज़रेगा और एक बरस इंतज़ार में, ये आग इश्क की है बुझाने से क्या बुझ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काटों से भी जीनत होती है, जीने के लिए इस दुनिया मे गम की भी ज़रूरत होती … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: काँटों की चुभन पायी फूलों का मज़ा भी, दिल दर्द के मौसम में रोया भी हँसा भी, आने का सबब याद न जाने की … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: जब तेरा नाम प्यार से लिखती हैं ऊँगलियाँ, मेरी तरफ़ ज़माने की उठती हैं ऊँगलियाँ, दामन सनम का हाथ में … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दिन आ गए शबाब के आँचल संभालिये, होने लगी है शहर में हलचल संभालिये, चलिए संभल संभल के कठिन राह-ऐ-इश्क … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये कैसी मोहब्बत कहाँ के फ़साने, ये पीने पिलाने के सब है बहाने, वो दामन हो उनका के सुनसान सेहरा, बस हम … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: उल्फत का जब किसी ने लिया नाम रो पड़े, अपनी वफ़ा का सोच के अंजाम रो पड़े, हर शाम ये सवाल मोहब्बत से क्या … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: बात साक़ी की न टाली जाएगी कर के तौबा तोड़ डाली जाएगी। देख लेना वो न खाली जाएगी आह जो दिल से निकाली ज … more →