जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे हम को शाइर तो न समझते होंगे ‘विनय जी’ कैसे लिखते हैं आप ऐसा लिखने की कौन-सी तरक़ीब रखते होंगे शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: २००२ … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे हम को शाइर तो न समझते होंगे ‘विनय जी’ कैसे लिखते हैं आप ऐस … more →