आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 8 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →
Amarjeet Singh wrote 10 months ago: धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो वो सितारा है चमकने दो यूँ … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल से आज दिल का फ़ासला हो गया मै ज़िंदगी से और आशना हो गया दोस्तों का इखलास परखने जो चला मै दुश्मनों … more →
विनय wrote 1 year ago: इक तरफ़ वह इक तरफ़ हम बीच में यह फ़ासले इश्क़ की डोर से हमने जो बाँधे बन्धन क्या ख़बर उन पर गींठ लगी भी … more →
विनय wrote 2 years ago: ना लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच दिल का रिश्ता है तेरे-मेरे बीच तंगिए-दिल से पहलू को छुटाओ गरज़ को न लाओ … more →
विनय wrote 2 years ago: सौंधी हुई एक खु़शबू मेरी आँखों में आकर सो गयी है कभी भर जो आती है आँख सारा मंज़र महका देती है… … more →