रचना: सरूर बाराबंकवी स्वर: फ़िरदौसी बेग़म फ़िल्म: नवाब सिराजुद्दौला है ये आलम तुझे भुलाने में, अश्क आते हैं मुस्कुराने में एक सूरत भी आशना सी नहीं, इतनी तनहा हूँ मैं जमाने में वो मेरे ख़ून-ए-आरज़ू से सही, … more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: सरूर बाराबंकवी स्वर: फ़िरदौसी बेग़म फ़िल्म: नवाब सिराजुद्दौला है ये आलम तुझे भुलाने में, अश्क आते … more →