जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने मेरे दिल से फ़िराक़ का डर निकला जिस दिल को मैंने समन्दर जाना वह तो एक टूटी हुई लहर निकला तुम्हारे प्यार में जो म… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने मेरे दिल स … more →