संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: कार्य प्रगति पर है … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: कार्य प्रगति पर है…….. … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: बारहवीं सदी में दामोदर पंडित ने “उक्ति व्यक्ति प्रकरण’ की रचना की। इसमें पुरानी अवधी तथा … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: ढोला मारू रा दूहा ग्यारहवीं शताब्दी मे रचित एक लोक-भाषा काव्य है। मूलतः दोहो में रचित इस लोक काव्य … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: कालिंजर के राजा परमार के आश्रय मे जगनिक नाम के एक कवि थे, जिन्होंने महोबे के दो प्रसिद्ध वीरों -आल्ह … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: सिद्ध साहित्य के इतिहास में चौरासी सिद्धों का उल्लेख मिलता है। सिद्धों ने बौद्ध धर्म के वज्रयान तत्व … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: सिद्धों की भोग-प्रधान योग-साधना की प्रतिक्रिया के रूप में आदिकाल में नाथपंथियों की हठयोग साधना आरम्भ … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: साहित्य के इतिहास के प्रथम काल का नामकरण विद्वानों ने इस प्रकार किया है- 1. डॉ.ग्रियर्सन – चार … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: परमाल रासो – इस ग्रन्थ की मूल प्रति कहीं नहीं मिलती। इसके रचयिता के बारे में भी विवाद है। पर इ … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: भारत के पश्चिमी भाग मे जैन साधुओ ने अपने मत का प्रचार हिन्दी कविता के माध्यम से किया । इन्होंने … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: रसखान के जन्म के संबंध में विद्वानों में मतभेद पाया जाता है। अनेक विद्वानों ने इनका जन्म संवत् १६१ … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: अमीर खुसरो जन्म: 1253 निधन: 1325 कुछ प्रमुख कृतियाँ- ‘तुहफ़ा-तुस-सिगर’, ‘बाक … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: विद्यापति भारतीय साहित्य की भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों मे से एक और मैथिली के सर्वोपरि कवि के रूप … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: जन्म – संवत 1205 तदनुसार 1148 ईस्वी में। मृत्यु – संवत 1249 तदनुसार 1191 ईस … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: आदिकाल सन 1000 से 1325 तक हिंदी साहित्य के इस युग को आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने वीर-गाथा काल नाम दिया … more →