Blogs about: 100018

पातियां2 comments

दीपक wrote 1 year ago: कुछ अधूरी पातियां, आज फिर से पड़ीं हैं सामने मेरे जो मैनें लिखीं थीं कभी किसी के नाम शब्दों को सजाया … more →