Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी दूर फिरंगी को करने की सबने मन मे… more →
India My Country?? No way, its our IndiaKrishna Kumar Mishra wrote 2 weeks ago: एक जीवित तोप की कहानी किस्सा १८५७ के गदर का है जब ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अवध के एनेक्शेसन का फ़रमान ज … more →
Shivam Misra wrote 1 month ago: जिले का इतिहास वीर गाथाओं से भरा पड़ा है। यहां की माटी में जन्मे लाल हमेशा गुलामी की बेड़ियों को तोड़न … more →
madsadman wrote 8 months ago: Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भा … more →