Blogs about: 2007 A Poetic Journey
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ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा
ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा ढ़ूंढ़ना है जो ख़ुदा तो ग़मज़दों में… more »
इक शायर अंजाना सा...
ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में … more »
रास्तों पे सब ही पहचाने से लोग हैं
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: रास्तों पे सब ही पहचाने से लोग हैं देख … more »
ना रहा
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Rohit Jain wrote 1 month ago: ज़मीन भी जाती रही और आसमान भी ना रहा पर क … more »
छोटी बहर में एक प्रयोग
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Rohit Jain wrote 1 month ago: छोटी बहर में एक प्रयोग करने की गुस्ता … more »
मेरी ज़बां से मेरा ही अफ़साना बिखरा
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Rohit Jain wrote 2 months ago: मेरी ज़बां से मेरा ही अफ़साना बिखरा ढ़ूँढ़ … more »
आँखों में
Rohit Jain wrote 2 months ago: तेरी तस्वीर है आँखों में फ़िर से नीर है … more »
इक जाम-ए-जुनूं को लबों से लगाया है
Rohit Jain wrote 2 months ago: इक जाम-ए-जुनूं को लबों से लगाया है दिल क … more »
ज़िंदगी सियाह है ज़रा तुम नूर थाम लो
Rohit Jain wrote 2 months ago: ज़िंदगी सियाह है ज़रा तुम नूर थाम लो भरी … more »
चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए
Rohit Jain wrote 2 months ago: चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए ये देखो … more »
क्या देंगे
Rohit Jain wrote 2 months ago: खाली है जिनका दामन वो हिसाब क्या देंगे … more »
हूँ चल रहा उस राह पर जिसकी कोई मंज़िल नहीं
Rohit Jain wrote 2 months ago: हूँ चल रहा उस राह पर जिसकी कोई मंज़िल नह … more »
मोहब्बत रुकी हो तो मय्यत उठा लो
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Rohit Jain wrote 2 months ago: मै सजदे में उनके कुछ यूँ झुका था वो शरम … more »
तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते
Rohit Jain wrote 2 months ago: तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जात … more »
यूँ इश्क़ का हमने दिया है इम्तिहां अक़्सर
Rohit Jain wrote 2 months ago: यूँ इश्क़ का हमने दिया है इम्तिहां अक़्स … more »
नया हुनर पाने का वक़्त आया है
Rohit Jain wrote 2 months ago: नया हुनर पाने का वक़्त आया है उस को भुला … more »
दिल लगा बहार में, हाथ में आई खिज़ां
Rohit Jain wrote 2 months ago: दिल लगा बहार में, हाथ में आई खिज़ां इश्क़- … more »
सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता
Rohit Jain wrote 2 months ago: सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता अप … more »
वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी
Rohit Jain wrote 2 months ago: वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी वो कह … more »
घर हवाओं में बना टिकता है क्या
Rohit Jain wrote 2 months ago: घर हवाओं में बना टिकता है क्या जो मुसा … more »
