Blogs about: 2008 A Poetic Journey
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सुना है अफ़साना
इशरत का सुना है अफ़साना हैरत का सुना है अफ़साना चाँद सितारों से तेरी सूरत का सु… more »
इक शायर अंजाना सा...
सुना है अफ़साना
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Rohit Jain wrote 4 days ago: इशरत का सुना है अफ़साना हैरत का सुना है … more »
हो गए इम्तिहान बहुत
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Rohit Jain wrote 1 week ago: देखे हैं इन्सान बहुत सब ही हैं हैरान ब … more »
आज तक उन खुशबुओं का सिलसिला तोड़ा नहीं
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: आज तक उन खुशबुओं का सिलसिला तोड़ा नहीं … more »
शौक़ है
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: सुबह सुबह कुछ ख़याल आये ज़हन में तो लब्ज़ … more »
खींच लाएगी
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: ज़िंदगी पास खींच लाएगी इक न इक आस खींच ल … more »
अहलेमोहब्बत
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Rohit Jain wrote 2 weeks ago: कोई हमें भाता नहीं उस मेहरबां को छोड़कर … more »
आज तक जो भी हुआ प्रस्तावना है
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Rohit Jain wrote 3 weeks ago: आपको अब भी बहुत कुछ देखना है आज तक जो भी … more »
और नहीं
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Rohit Jain wrote 3 weeks ago: मरने की दुआ दे दो हमको जीने का तमाशा और … more »
कोई मुग़ालता तो नहीं
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Rohit Jain wrote 3 weeks ago: देख आऊं वो गिरा खून कहीं मेरा तो नहीं म … more »
खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं
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Rohit Jain wrote 4 weeks ago: खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं, जितना थामूं … more »
एक काव्यात्मक गुस्ताखी
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Rohit Jain wrote 1 month ago: आपकी अमूल्य टिप्पणी का मुंतज़िर हूँ… … more »
न बोल
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Rohit Jain wrote 1 month ago: कोई बिकाऊ चीज तू ईमान को न बोल बेकार ज़र … more »
उस इम्तिहान के पल में हम क्या कहें के झिझक गए
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Rohit Jain wrote 1 month ago: मेरे अश्क़ेनामुराद यूं, निगाह से थे छलक … more »
उसकी गली में देख तो मुझे आज मेरा पता मिला
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Rohit Jain wrote 1 month ago: उसकी गली में देख तो मुझे आज मेरा पता मि … more »
रदीफ़ का खेल.....
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Rohit Jain wrote 1 month ago: पैमानेग़म बिखर गया तो मुश्किल होगी ये द … more »
खतरे में है
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Rohit Jain wrote 1 month ago: कोई नहीं ये जानता के वो कब खतरे में है ज़ … more »
क्यों नहीं जाता
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Rohit Jain wrote 1 month ago: ये ज़ख़्म-ए-जुदाई मेरा भर क्यों नहीं जात … more »
हुआ होगा
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Rohit Jain wrote 2 months ago: मै जानता हूं के वहां पे क्या हुआ होगा स … more »
देख तो
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Rohit Jain wrote 2 months ago: कैसा सजा है आज ये बाज़ार देख तो इन्सान ह … more »
