१.अर्थ कार्यों का मूल होता है राज्यश्री ही राज्यशक्ति के कर्मों का मूल आधार होती है. लौकिक काम तो धन-धान्य से संपन्न होते हैं,जैसे पर्वत से नदियाँ निकलकर बहने लगतीं हैं इसी प्रकार प्रवाहमान धन से समस्… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.अर्थ कार्यों का मूल होता है राज्यश्री ही राज्यशक्ति के कर्मों का मूल आधार होती है. लौकिक काम तो धन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पढी गुनी पाठक भये, समुझाया संसार आपन तो समुझै नहीं, वृथा गया अवतार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →