मंज़िल न दे चराग न दे हौसला तो दे, तिनके का ही सही तू मगर आसरा तो दे, मैंने ये कब क… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 10 months ago: मंज़िल न दे चराग न दे हौसला तो दे, तिनके … more →
Amarjeet Singh wrote 10 months ago: ये तो नही के गम नही, हाँ मेरी आँख नम नही, … more →
Amarjeet Singh wrote 10 months ago: ऐ खुदा रेत के सेहरा को समंदर कर दे, यह छ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सोचा नहीं अच्छा-बुरा, देखा-सुना कुछ भी … more →