आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे, आ तेरे नाम एक ग़ज़ल कह दे, सोचता हूँ के तेरी आंखो को, झील कह दे या फिर कवल कह दे, लब पे हल्की सी मुस्कुराहट को, जिन्दगी कह दे या अजल कह दे, इस तेरे पाक से बदन को नदी, गंगा … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे, आ तेरे नाम एक ग़ज़ल कह दे, सोचता हूँ के तेरी आंखो को, झील कह दे या फिर क … more →