सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय बिना समझै शब्द गहै, कछु न लोहा लेय संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं कि जो व्यक्ति सत्य और न्याय के शब्दों को अच्छी तरह से ग्रहण करता है उसके लिए ही फलदायी होता है… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय बिना समझै शब्द गहै, कछु न लोहा लेय संत शिरोमणि कबीर दास जी कहत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोटि करम लगे रहै, एक क्रोध की लार किया कराया सब गया, जब आया हँकार रेशम के कीडे द्वारा जैसे अत्यंत लं … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंदी के नए और मेरे जैसे फ्लॉप ब्लॉगरों के के पास यूनीकोड के रास्ते पर चलने के अलावा और कोई रास्ता … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: टूटे सुजन मनाईये, जौ टूटे सौ बार रहिमन फिर पोहिए, टूटे मुक्ताहार कवि रहीम कहते हैं कि जिस प्रकार स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय बिना समझै शब्द गहै, कछु न लोहा लेय संत शिरोमणि कबीर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भक्त से पूछा गया ‘बता राम कौन है’ जो मनुष्यदेह धारण किये हो और पूछे ऐसा प्रश्न इस अहंकार … more →