Blogs about: Aadhyaatm
संत कबीर वाणी:जीभ का रस सबसे अधिक महत्वपूर्ण
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: दिल का मरहम कोई न मिला, जो मिला मर्जी कह … more »
संत कबीर वाणी:सत्य और न्याय के शब्द अच्छी तरह ग्रहण करें
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय ब … more »
संत कबीर वाणी:मूर्ख से मित्रता कभी न करिये
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: गिरिये परबत शिखर ते, परिये धरनि मंझार … more »
संत कबीर वाणी: माया के होते नौ-नौं हाथ
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: कोटि करम लगे रहै, एक क्रोध की लार किया क … more »
जो सहज वह 'कबीर' जो असहज वह गरीब है
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भारत में संत कबीर जी का नाम बहुत श्रद् … more »
हिंदी टूल आते रहेंगे तुम लिखते रहो
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हिंदी के नए और मेरे जैसे फ्लॉप ब्लॉगर … more »
रहीम के दोहे: संबंधियों से दूरी भली
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: टूटे सुजन मनाईये, जौ टूटे सौ बार रहिमन … more »
चाणक्य नीति : दुष्टो की संगत विनाश का कारण
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1. बुरे व्यवहार करने वाले कर्मचारियो … more »
सुनो सबकी करो मन की
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जिनके पास नही कोई ज्ञान वही पा रहे ज्ञ … more »
सुनो सबकी करो मन की
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जिनके पास नही कोई ज्ञान वही पा रहे ज्ञ … more »
चाणक्य नीति: कलियुग में ऐसा भी होता है
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कलियुग में दस हजार वर्ष बीत जाने पर भ … more »
श्रीगीता का ज्ञान
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बचपन से ही पढते आ रहे भक्ति भाव से श्री … more »
संत कबीर वाणी: शब्द को रटना व्यर्थ
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय ब … more »
भक्त मौन है
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भक्त से पूछा गया ‘बता राम कौन है’ जो … more »
कौटिल्य अर्थशास्त्र:दुष्ट के साथ संधि न करें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: दूर्भिक्ष और आपत्तिग्रस्त स्वयं ही … more »
