अपना अपना रास्ता है कुछ नही, क्या भला है क्या बुरा है कुछ नही, जुस्तजू है एक मुसलसल जुस्तजू, क्या कही कुछ खो गया है कुछ नही, मोहर मेरे नाम की हर शय पे है, मेरे घर मे मेरा क्या है कुछ नही, कहने वाले अप… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: अपना अपना रास्ता है कुछ नही, क्या भला है क्या बुरा है कुछ नही, जुस्तजू है एक मुसलसल जुस्तजू, क्या कह … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: फिर नज़र से पिला दीजिये, होश मेरे उड़ा दीजिये, छोडिये बर्ह्मी की रविश, अब जरा मुस्कुरा दीजिये, बात अफ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरा चेहरा है आईने जैसा, क्यो न देखू है देखने जैसा, तुम कहो तो मैं पूछ लू तुमसे, है सवाल एक पूछने जै … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: काँटों से दामन उल्झाना मेरी आदत है, दिल मे पराया दर्द बसना मेरी आदत है, मेरा गला अगर कट जाए तो मुझ प … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: घर से निकले थे हौसला करके, लौट आए खुदा खुदा करके, हमने देखा है तज्रुबा करके, जिन्दगी तो कभी नही आए, … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुस्कुरा कर मिला करो हमसे, कुछ कहा और सुना करो हमसे, बात करने से बात बढती है, रोज बाते किया करो हमसे … more →