कभी बैठकर अकेली,मैं सोचती रहती हूँ हर वक़्त किसे मैं खोजती रहती हूँ | मेरे सारे अपने आसपास ही तो है कौन गुमशुदा,जिसे तलाशती रहती हूँ | घर लौटकर आए है सभी लोग पलक बंद कर,किसकी राह देखती रहती हूँ | जानत… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: कभी बैठकर अकेली,मैं सोचती रहती हूँ हर वक़्त किसे मैं खोजती रहती हूँ | मेरे सारे अपने आसपास ही तो है … more →