गर आँसू तेरी आँख का होता, गिरता गाल को चुमते हुए, फिर गिर के तेरे होठों पर, फना हो जाता वहीं हॅसते हुए, पर जो तुम होती मेरी आँख का आसु, भले गुजरती उम्र गम सह-सह कर, तुझे खो ना दूं कही इस डर से, मै ना … more →
ApurnShubhashish Pandey wrote 1 year ago: गर आँसू तेरी आँख का होता, गिरता गाल को चुमते हुए, फिर गिर के तेरे होठों पर, फना हो जाता वहीं हॅसते ह … more →