िजंदगी की इक ही है आरजू हर जनम मे बनू, मै तेरी आरजू मेरी तो िदल की हर धडकन मे बसे हो तुम तेरे िदल मे थोडी सी जगह की है आरजू मेरे िदल की हर चाहत हो तुम मेरी िदल की हर आस हो तुम खुली आखो से देखा जो, वो … more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: िजंदगी की इक ही है आरजू हर जनम मे बनू, मै तेरी आरजू मेरी तो िदल की हर धडकन मे बसे हो तुम तेरे िदल मे … more →