मन की आशायें भी बड़ी अजीब होती है शाम ढलते ही नीम तले जाकर खड़ी हो गई सोचती है गर टहनी टूटी तो उसपर बैठा चाँद उनकी झोली में गिरेगा | ================ कल हमने चाँद को देखा बादलों की चादर से झाकता ,मुस्… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: मन की आशायें भी बड़ी अजीब होती है शाम ढलते ही नीम तले जाकर खड़ी हो गई सोचती है गर टहनी टूटी तो उसपर … more →
Musician Rakshit Shah wrote 1 year ago: Movie: Aashaa (1980) Singer(s): Lata Mangeshkar Music Director: Laxmikant, Pyarelal Lyricist: Anand … more →
kmuskan wrote 1 year ago: दूर से आती रोशनी की एक किरण मन मे कही आशा की लौ जगा जाती है अंध्रो से लड़ने का हौसला दे जाती है निरा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप तु … more →