Blogs about: Aastha
क्रिकेट मैच के लिये एक्शन सीन लिख देना-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: ब्लागर अपने कंप्यूटर पर बैठा था कि उसक … more »
संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस म … more »
संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय क … more »
संत कबीर वाणी:जो सात्विक नहीं उसे संत नहीं कहा जा सकता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कबीर विषधर बहु मिलै, मणिधर मिला न कोय व … more »
भीड़ में अपना अस्तित्व ढूँढता आदमी
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: अलग खडा नहीं रह सकता इसलिये भीड़ में श … more »
संत कबीर वाणी:गाली से कलह, दु:ख और मृत्यु पैदा होती है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले स … more »
कल है पुरुष दिवस
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कल अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया ज … more »
मनु स्मृति: राज्य के दण्ड से ही अनुशासन संभव
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: 1.देश, काल, विद्या एवं अन्यास में ल … more »
रहीम के दोहे:बकवास करे जीभ, जूते खाए सिर
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: रहिमन जिह्म बावरी, कही गइ सरग पाताल आप … more »
चाणक्य नीति:बल से बुद्धि की तीक्ष्णता भारी
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.इतने भारी शरीर वाला हाथी छोटे से अंक … more »
संत कबीर वाणी:मूर्ख से मित्रता कभी न करिये
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: गिरिये परबत शिखर ते, परिये धरनि मंझार … more »
रहीम के दोहे:बन्दर कभी हाथी नहीं हो सकता
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बडे दीन को दुख सुनो, लेट दया उर जानि हर … more »
रहीम के दोहे:बुरे वक्त में राम का नाम ही सहायक
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जो रहीम करिबो हुतो, ब्रज को इहै हवाल तौ … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
शब्द और अंतर्मन
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जब हृदय के भाव शब्द बन जाते तब ऐक तस्वी … more »
दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मन का खोखलापन तन को रुग्ण कर देता हैं व … more »
रहीम के दोहे: बिपति भए धन न रहे
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ त … more »
रहीम के दोहे:भक्त का मन तो भगवान् में ही रमता है
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: दादुर, मोर, किसान मन, लग्यो रहैं धन माहि … more »
जब फूलों को देखने के लिए पैसे देने होंगे
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो … more »
