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Blogs about: Aastha

चमत्कार को नमस्कार, सहजता से कोई नहीं सरोकार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इस प्रथ्वी पर जीवन अपनी सहज धारा से बहता जाता है। अनेक आपदायें इस प्रथ्वी पर आती हैं पर फिर सब कुछ स … more →

Tags: Blogroll, writing, vyangya, inglish, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, आस्था, आध्यात्म, चिन्तन

संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस माहीं जीभ रस, जू कोय जाने बोल संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते है … more →

Tags: कला, दीपक भारतदीप, भारत, संस्कार, समाज, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat, Blogroll

संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय कोटिक गुन सूवा पढै, अन्त बिलाई खाय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते … more →

Tags: Blogroll, dharam, inglish, आस्था, आध्यात्म, चिन्तन, साहित्य, हिंदी साहित्य, Internet

संत कबीर वाणी:जो सात्विक नहीं उसे संत नहीं कहा जा सकता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कबीर विषधर बहु मिलै, मणिधर मिला न कोय विषधर को मणिधर मिलै, विष तजि अमृत होय संत कबीर दास जी कहते हैं … more →

Tags: arebic, कबीर, कला, समाज, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat, E-patrika, edcation

संत कबीर वाणी:गाली से कलह, दु:ख और मृत्यु पैदा होती है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →

Tags: arbe, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, हिंदी, हिंदी साहित्य, हिन्दी

कल है पुरुष दिवस 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कल अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जायेगा। यह अपने आप में अजीब बात लगती है क्योंकि अभी तक तो पुरुष क … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Thought, inglish, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, चिन्तन, बिंब-प्रतिबिंब, अनुभूति

मनु स्मृति: राज्य के दण्ड से ही अनुशासन संभव

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.देश, काल, विद्या एवं अन्यास में लिप्त अपराधियों की शक्ति को देखते हुए राज्य को उन्हें उचित दण्ड दे … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Thought, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, चिन्तन, सूचना, अनुभूति, आलेख

रहीम के दोहे:बुरे वक्त में राम का नाम ही सहायक1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जो रहीम करिबो हुतो, ब्रज को इहै हवाल तौ काहे  कर धरुयो, गोवर्धन गोपाल कविवर रहीम कहते हैं कि श्रीकृष … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, विचार, India, विश्वास, सूचना, साहित्य, हिंदी साहित्य

रहीम के दोहे: बिपति भए धन न रहे

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ तारे छिपि जात है, ज्यों रहीम भए भोर कवि रहीम कहते हैं, जैसे प … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, anugoonj, vividha, चिन्तन, bhaarat, आलेख, साहित्य, हिंदी साहित्य

रहीम के दोहे:भक्त का मन तो भगवान् में ही रमता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: दादुर, मोर, किसान मन, लग्यो रहैं धन माहिं रहिमन चातक रटनि हूँ, सर्वर को कोऊ नाहिं कविवर रहीम कहते है … more →

Tags: Blogroll, Dashboard, inglish, विचार, आध्यात्म, Sher, knowledge, telent, Urdu

जब फूलों को देखने के लिए पैसे देने होंगे

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो आगे चलकर प्रकृति को निहारने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे. इस मामले … more →

Tags: Blogroll, writing, Dashboard, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, बिंब-प्रतिबिंब, हास्य व्यंग्य, आलेख

चाणक्य नीति:भावना से प्रतिमा में भी भगवान्

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब में व्याप् … more →

Tags: aducation, arebic, Art, चाणक्य, bhaarat, bharat, Blogroll, blogvani, Chanakya

चमत्कार का व्यापार होता है यहाँ

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: (यह व्यंग्य रचना काल्पनिक तथा किसी व्यक्ति या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है ) देखो वही अपनी जिन्दगी … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, vyangya, anugoonj, अनुगूँज, inglish

मुख, मुखौटा और सिंहासन

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मुखों की बैठक में सिंहासन पर मुखोटा रखने का मसला उठा था सबके चेहरे थे दागदार चुनाव के जुए में लोगों … more →

Tags: Blogroll, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, Kavita, Thought, inglish, कविता, व्यंग्य चिंतन

देवराज इन्द्र ने कहा- चलते रहो, चलते रहो

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, अनुगूँज, Thought

आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक ज्ञान जरूरी

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                     धर्म क्या है यह समझे बिना उसकी आलोचना करना गलत है। मेरे विचार से धर्म की किसी ने … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, Thought, sanskrati

पुस्तकों का संग्रह, ज्ञान का प्रमाण नहीं

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी क … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Global Dashboard, Kavita, अनुगूँज, Thought, dharam

आकाश में धरती:फिर स्वर्ग और नरक कहॉ है?

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                            वैज्ञानिकों ने आसमान एक धरती का अस्तित्त्व खोज निकाला है, उनके दावों पर अ … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, Thought, dharam, sanskrati

अपने अन्दर है आध्यात्म शक्ति का केंद्र

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                             अक्सर लोग यह कहते हैं कि हमें धर्म की जरूरत क्यों है? हम अपना काम अच्छी … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, अनुगूँज, Thought, sanskrati


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