अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो? मैने माना के तुम इक पैकर-ए-रानाई हो चमन-ए-दहर में रूह-ए-चमन आराई हो तलत-ए-मेहर हो फ़िरदौस की बरनाई हो बिन्त-ए-महताब हो गर्दूं से उतर आई हो मुझसे मिलने में अब अंदेशा… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो? मैने माना के तुम इक पैकर-ए-रानाई हो चमन-ए-दहर में रूह-ए-चमन आरा … more →