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इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं

विनय wrote 2 years ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, प्यार, मोहब्बत, नज़र, इम्तिहाँ, Cruelty