हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बाज़ी भी हम मारकर जायेंगे यह ज़ख़्म जाविदा… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 6 months ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बा … more →
विनय wrote 10 months ago: आतिशे-दोज़ख़ का सोज़ है दिल में आहो-फ़ुगा … more →
विनय wrote 1 year ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और … more →