Lyrics: AdamSinger: Ghulam Ali साकी शराब ला कि तबीयत उदास हैमुतरिब रबाब उठा कि तबीयत उदास है। चुभती है कल वो जाम-ए-सितारों की रोशनीऐ चाँद डूब जा कि तबीयत उदास है। शायद तेरे लबों की चटक से हो जी बहालऐ … more →
Their Words, Their VoiceAmarjeet Singh wrote 1 year ago: रिंद जो मुझको समझते हैं उन्हे होश नहीं मैक़दासाज़ हूं मै मैक़दाबरदोश नहीं पांव उठ सकते नहीं मंज़िल-ए-जान … more →
Jaya wrote 1 year ago: Lyrics: AdamSinger: Ghulam Ali साकी शराब ला कि तबीयत उदास हैमुतरिब रबाब उठा कि तबीयत उदास है। चुभती … more →