बूरा जब वक़्त आता है, सहारे छूट जाते हैं। जो हमदम बनते थे हरदम, वो सारे छूट जातेहै। बड़ा दावा करें हम तैरने का जो समंदर से, फ़सेँ जब हम भँवर में तो, किनारे छूट जाते है। जो चंदा को ग्रहण लग जाये, सूरज सा… more →
रज़िया "राज़"दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: रहिमन चाक कुम्हार को, मांगे दिया ना देह छेद में डंडा डारि कै, चहै नांद लै लेइ कविवर रहीम कह्ते हैं क … more →
Ajad Panchhi wrote 11 months ago: PARIS, France (CNN) — Police evacuated a major department store in central Paris Tuesday after … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: बरसों पहले कृश्न चंदर का उपन्यास देख ‘एक गधे की आत्मकथा’। पूरा नहीं पढ़ा क्योंकि उसमें गधे का बोलना- … more →
उन्मुक्त wrote 12 months ago: स्पा (spa), एक ऐसी जगह, जहां आप स्वास्थ्य या तंदुरुस्ती बनाने के लिये जाते हैं। अधिकतर अच्छे होटलों … more →
sandeepkmishra wrote 12 months ago: ठंडे लोग हैं…ये नेताओं का गरमाना देखिए.. गुजर गए …जो कल आज थे… उनके इतिहास पर … more →
ummeed wrote 1 year ago: <!– /* Font Definitions */ @font-face {font-family:”Cambria Math”; panose-1:2 4 … more →
sanjayrajasthani wrote 1 year ago: राजस्थान में चुनाव अब रोचक दौर में पहुंचने लगा है। और तस्वीर हल्की -धुंधली बनने लगी है। हालांकि इस त … more →
ummeed wrote 1 year ago: वह कहते हैं परिवर्तन आएगा, हाँ,शायद परिवर्तन आएगा, टूटी कड़ियों को फिर से जोड़ा जाएगा, उन्हें उम्मीद ह … more →
set09 wrote 1 year ago: hi I am set from rajkot. i join wordpress for first time & this is my first comment. … more →
Amrita Bharti wrote 1 year ago: बिटिया एक दिन बापू ने स्नेह करते करते कहा, बेटियाँ पराया धन होती है, किसी और की अमानत होती है, उनसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक तलाश पूरी होते ही आदमी दूसरी में जुट जाता अंतहीन सिलसिला है अपने मकसद रोज नये बनाता पूरे होते ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पता नहीं कब कैसे इस देश में यह परंपरा शुरू हुई कि बाहर से जब तक आदमी प्रमाण पत्र नहीं मिले उसे घर मे … more →
nakkarkhana wrote 1 year ago: आँख में स्वपन कब था किसी रात का दर्द दिल में … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: डाइन भी सात घर छोड़कर कहर बरपाती अपने पडौस से निभाओ यह तो वह भी सिखाती उसकी राह पर चलने वाले असली भक … more →
Sarvesh K Tiwari wrote 1 year ago: duritaikaparam tuluShkanAtham drutamutkhAya jagat-trayaika-shalyam| pratiropaya rAmasetu madhye vija … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अब फ़िर क्रिकट प्रतियोगिता शुरू होने की तैयारी हो रही है। अखबारों और टीवी पर उसका धूंआधार प्रचार होते … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देश में आतंकी घटनाओं पर नित कोई नयी बात सामने आती है। अभी तक यह कोई नहीं समझा पा रहा है की क्या आतंक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: श्री हरिकोटा से ‘चंद्रयान-1’ का प्रक्षेपण हमारे भारत देश के लिये विश्व के विज्ञान जगत में प्रतिष्ठा … more →