Blogs about: Adore
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वह दिल में एक मस्जिद है
वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमाज़ अदा करता हूँ वह मन मन्दिर की देवी है ज… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
वह दिल में एक मस्जिद है
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमा … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
तस्व्वुरे-हुस्नो-सादगिए-'शीना'
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: सुबह-सा चेहरा, माथे पर सूरज-सी बिन्दिय … more »
क्या वह तुम थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन … more »
मेरा दीवाना दिल धड़कता है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल- … more »
बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: बाँसुरी वाला वह नंद गोपाला आया छोरा मो … more »
मेरा माहताब...
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब मे … more »
दिल में तेरे लिए सच्ची अक़ीदत है
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: है जो किसी से तुम्हें तो गुल से निस्बत … more »
तख़लीक़ हुआ है यह विनय
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे … more »
साड़ी में उड़स के चाबियाँ
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: न किसी में वो रंग न किसी में वो बात जो त … more »
