आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे आज हो या कल … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: अम्बर में जब चाँद खिला उस पल से चला जान … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं ज … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मेरी बाइसे-ज़ीस्त, तुमको इक नज़र देखने क … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मेरे दिलसिताँ, तुम्हें देखकर मुझे पहल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: My Love, Love is an eternal feeling. For you my affection is an eternity. You are an offish because … more →
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more →