Lyrics: Ahmed FarazSinger: Ghulam Ali ऐसे चुप है कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे,तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे। अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ,रास्ते में कोई दीवार खड़ी हो जैसे। कितने नादाँ ह… more →
Their Words, Their VoiceAmarjeet Singh wrote 9 months ago: आँख से दूर न हो दिल से उतर जायेगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जायेगा इतना मानूस न हो ख़िलवतेग़म से … more →
Jaya wrote 4 years ago: Lyricist: Ahmed Faraz Singer: Ghulam Ali कठिन है राह-गुज़र थोड़ी देर साथ चलो। बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ … more →
Jaya wrote 4 years ago: Lyricist: Ahmed FarazSinger: Ghulam Ali दोस्त बनकर भी नहीं साथ निभाने वालावो ही अंदाज़ है ज़ालिम का … more →