Blogs about: Alekh

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रहीम के दोहे-अमीर को पैसा देने के लिए सब तैयार,गरीब से इंकार (rahim ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 21 hours ago: संतत संपति जानि कै, सबको सब कुछ देत दीन बंधु बिन दीन की, कौ रहीम सुधि लेत कविवर रहीम कहते हैं कि जिन … more →

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सि़यों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →

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संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

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श्री गुरुवाणी-सत्संग से विचार निर्मल होते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →

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भर्तृहरि नीति शतक: कुत्ता हड्डी चबाते हुए इन्द्र देवता की परवाह नहीं करता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →

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मशहूर होने का बोझ सभी नहीं उठा सकते-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिंदी ब्लाग जगत पर अनेक लोग छद्म नाम से लिखते हैं और यह परंपरा उन्होंने अंग्रेजी से ही ली है। जहां … more →

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अंतर्जाल पर हिंदी का नया वैश्विक काल प्रारंभ -संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिंदी में विभिन्न कालों की चर्चा बहुत रही है। सबसे महत्वपूर्ण स्वर्णकाल आया जिसमें हिंदी भाषा के लि … more →

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दिवस बनाता कोई और है, मनाता कोई और है-व्यंग्य hasya vyangya

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: दिवस बनाता कोई और है और मनाता कोई और है। इस देश में हर रोज कोई न कोई दिवस मनाने की चर्चा होती है। अभ … more →

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अंतर्जाल पर अंग्रेजी से नहीं बल्कि हिन्दी से ही बदलाव हो सकता है=आलेख

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: अंतर्जाल के ब्लाग पर सामाजिक आंदोलन और जागरुकता के लिये प्रयास कोई अब नयी बात नहीं है। कुछ लोगों ने … more →

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एक दिन क्या पूरा महीना है मज़े लेने का - व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वैलंटाईन डे की चर्चा आजकल सुर्खियों में हैं। इसका कुछ लोग विरोध करते हैं तो कुछ नारी स्वतंत्रता के न … more →

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अध्यात्म ज्ञान के बिना धर्म को समझना कठिन-चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: धर्म क्या है यह समझे बिना उसकी आलोचना करना गलत है। किसी भी धार्मिक विद्वान् ने अपने विचार से धर्म क … more →

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ब्लाग लिखने में शेयर बाजार जैसा ही मजा-व्यंग्य आलेख

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: ब्लाग/पत्रिका लिखने का मजा तभी है जब उसके साथ पाठकों के आने की सूचना देने वाला काउंटर हो। अगर बहुत स … more →

Tags: अभिव्यक्ति, हिन्दी, Blogging, Blogroll, E-patrika, Education, inglish, web dunia, web duniya

सुविधाओं के गुलाम-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था या एक राष्ट्र के रूप में स्थापना हुई थी। परंतत्र देश स्वतंत्र हुआ … more →

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संत कबीर वाणीः किसी काम के नहीं हों तो ऊंचे आदमी होने से क्या लाभ1 comment

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जोरे बड़ मति नांहि जैसे फूल उजाड़ को, मिथ्या हो झड़ जांहि संत शिरोमणि कबीरदास … more →

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चाणक्य नीतिः कौन ऐसा व्यक्ति है जिसके कुल में दोष नहीं है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: 1.आज के युग में अर्थ की प्रधानता है और धन संचय प्रमुख आधार है। धन संचय हर मनुष्य के लिये आवश्यक है … more →

Tags: समाज, हिंदी, हिंदी पत्रिका, Deepak bharatdeep, hindi megzine, Hindi writing, web bhasakar, web dunia, web duniya

ब्लागवाणी जैसे हिट किसी के लिये भी सपना-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: ब्लागवानी के लोग सही कहते हैं कि वह लोग शौकिया हैं पर उनको नहीं मालुम वह कई व्यवसायिक लोगों के लिये … more →

Tags: inglish, हिन्दी, संपादकीय, अभिव्यक्ति, ताल-बेताल, व्यंग्य, Internet, Bloging, Education

समाज की इमारत में आदमी पत्थर की तरह लग जाते-कविता साहित्य

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: हर पल लोगों के सामने अपना कद बढाने की कोशिश हर बार समाज में सम्मान पाने की कोशिश आदमी को बांधे रहती … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, abhivyakti, Internet, bharat, India, सन्देश

कहने वाले का कहना ही है व्यापार-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: एक सपना लेकर सभी लोग आते हैं सामने दूर कहीं दिखाते हैं सोने-चांदी से बना सिंहासन कहते हैं ‘तुम उस पर … more →

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एक ब्लाग गायब हुआ तो दूसरा प्रकट हो गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: अपने साफ्टवेयर की सहायता से वर्डप्रेस की पांच श्रेणियों को अपने यहां खिसकाकर ले जाने वाला ब् … more →

Tags: Blogroll, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, media, Internet, Education, Family


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