‘ शैशव ‘ में सब निर्मल होता है । ‘लौंडपन’ में दिमागी मल की गुंजाइश । इसलिए घुटने में दिमाग लिए लोगों की चर्चा इस चिट्ठे पर सर्वथा अनुचित है । फिर भी, जिनके घरों में संडास नहीं … more →
शैशवअफ़लातून wrote 1 year ago: ‘ शैशव ‘ में सब निर्मल होता है । ‘लौंडपन’ में दिमागी मल की गुंजाइश । इसलिए घ … more →