पूरे बीस दिन तक खूब धमाल रहा। पवित्रता, आस्था और परम्पराओं का फिर संगम हुआ, समय के साथ बदल रही मान्यताओं और आधुनिक तकनीकी का मिलन भी। इस महाकुंभ में आस्थावानों की भारी भीड़ पर भी हावी रहे टेलीविजन के … more →
kumbh diaryprabhat wrote 4 months ago: पूरे बीस दिन तक खूब धमाल रहा। पवित्रता, आस्था और परम्पराओं का फिर संगम हुआ, समय के साथ बदल रही मान्य … more →
prabhat wrote 4 months ago: मेले की तस्वीरें उतारने, फिल्म बनाने को जुटे कुछ देसी और ढेरों विदेशी नामवरों के लिए यहां जुटे लाखों … more →
prabhat wrote 4 months ago: अखाड़ा बहुल सेक्टर में दो नागा साधु तेजी से रास्ते पर आते दीखे। उनके आगे-आगे कैमरा और माइक्रोफोन संभ … more →
prabhat wrote 4 months ago: दुनिया के सबसे बड़े मेले में अजूबे भी छोटे नहीं रह गए। ऐसे में यहां आए लोगों को ज्यादा भटकना नहीं पड … more →
prabhat wrote 4 months ago: मेले में जगह-जगह मंदिर की शक्ल वाले विज्ञापन के स्टाल थे। गुब्बारेनुमा इन मंदिरों में सब कुछ हवा के … more →
prabhat wrote 4 months ago: क्षेत्रीय हों या राष्ट्रीय कहे जाने वाले अखबार, भारतीय संस्कृति के महिमामंडन का जबरदस्त जरिया बना मे … more →
prabhat wrote 4 months ago: उस रोज संगम किनारे अपेक्षाकृत कम भीड़ थी। एक आस्ट्रेलियाई जोड़ा पहुंचकर कुछ पूछताछ कर रहा था कि अचान … more →
prabhat wrote 4 months ago: कुंभ के महास्वरूप को मीडिया ने इस बार जमकर प्रचारित किया। चैनल वालों में जमकर होड़ रही और प्रिंट मीड … more →
prabhat wrote 4 months ago: पहले संगम स्नान, फिर दान और फिर सत्संग का पुण्य कमाने जुटी भीड़ कहां जाती अगर दान-दक्षिणा के पात्र ह … more →
prabhat wrote 4 months ago: टीवी वालों ने महाकुंभ की कवरेज में आगे रहने को, कुछ अलग-अनूठा दिखाने को हरसंभव संसाधन जुटाए, हर संभव … more →
prabhat wrote 4 months ago: इन दिनों धर्म के प्रचार-प्रसार का ठेका लिए एक टीवी चैनल की टीम के सदस्य को एक महात्मा के पंडाल में र … more →
prabhat wrote 4 months ago: गंगा किनारे टीलों पर बसे गांव बदरा-सोनौटी के लिए बुजुर्गों के लिए इस बार के कुंभ में बहुत कुछ नया था … more →
prabhat wrote 4 months ago: संगम की ओर से बदरा को जाने वाले के लिए एक छोटा नाला और थोड़ी सी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। नाले पर इन … more →
prabhat wrote 4 months ago: भोज खत्म होने के बाद कुछ इधर-उधर चल पड़े, कुछ जहां-तहां लेटे पड़े थे और बाकी बचे अभिव्यक्ति की आजादी … more →
prabhat wrote 4 months ago: वापसी में संगम की विराटता को देखने के इरादे से झूंसी की तरफ लौटे। सुनील उमराव ने अपनी डाक्यूमेन्ट्री … more →
prabhat wrote 4 months ago: गंगा किनारे की बस्ती में नंग-धड़ंग बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाता मिला एक जर्मन। पढ़ाते वक्त बीच में रुकक … more →
prabhat wrote 4 months ago: काम की तलाश में बनारस से भी कई मल्लाह अपनी नावें लेकर कुंभ में आए। सड़क से सवा सौ किलोमीटर का यह सफर … more →
prabhat wrote 4 months ago: मिट्टी में लिपटी वह नारी काया सिर से पांव तक निर्वस्त्र थी। आउटलुक और इंडिया टुडे दोनों में ही उसकी … more →
prabhat wrote 4 months ago: सिटी अस्पताल में जमा अख़बारनवीस वार्ड के अंदर से आती कराहट सुनते और बौखला जाते। रात के डेढ़ बजे अपने … more →