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Blogs about: Amarjeet Singh

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कल फिर न सो सका तेरी याद में…1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कल फिर न सो सका तेरी याद में, आज फिर न जाग सका तेरी याद से, इन अश्को ने याद किया हर पल, एक पल भी न र … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, याद, पल, मौत, अश्को

दिल ने कहा उसे सब कह दे…

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल ने कहा उसे सब कह दे, गम-ऐ-दिल यार को कह दे, राज़-ऐ-दिल न यार से छुपा, दावा न सही यार दुआ तो देगा … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, गम-ऐ-दिल, दिल, यार, राज़-ऐ-दिल

सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश…

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश, चाँद तारे सबको भेजा यार के पास, चाँद तारो की छाव में प्यारी नींद आए, … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, यार, चाँद, आकाश

ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून, देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम पे ज़माना, ये तेरी मस … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, अमावास, कयामत, कातिल-ऐ-हुस्न, चांदनी

खो गया चाँद मेरा कही…2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: खो गया चाँद मेरा कही, ढूँढ कर लाये उसे मेरे पास कोई, वो बहुत शर्मीला है मगर, मेरे यार जितना शर्मीला … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, यार, चाँद, खुबसूरत

जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी, मरने का हमे कोई गम नही, खुशी है दोस्तों क … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, गम, खुशी, हँसी, जिंदगी

जुदाई की घड़ी आई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जुदाई की घड़ी आई, नजरो से नज़रे टकराई, आँखो से वो ओझल हुई, वो मेरी नजरो से ओझल हुई, रेगिस्तान मे वर् … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, वर्षा, रेगिस्तान, फूल

हँसते है ज़माने मैं और भी कई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हँसते है ज़माने मैं और भी कई, दिल से हँसते पहली बार देखा है, आज मैंने उनको हँसते हुए देखा है, उनकी ह … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, उदास, हँसते, हँसी

सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई, तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई, उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई, फूलों स … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, चाँद, अदाएँ, सूरज

ठंडी हवा का एक झोका गुजरा...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ठंडी हवा का एक झोका गुजरा, जैसे मेरा यार मुस्कुराता हुआ गुजरा, दिल मे मेरे एक उदासी सी छाई, तकदीर मु … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, उदासी, ज़िंदगी, चाँद

एक पल सुखी एक पल दुखी...2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक पल सुखी एक पल दुखी, दो घड़ी कुछ इस तरह बीत चली, ज़िंदगी जैसे मुझसे रूठ चली, एक पल अपना एक पल पराया … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, प्यार, याद, ज़िंदगी, अदाएँ

ये कौन आया रेगिस्तान मे...1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ये कौन आया रेगिस्तान मे हरियाली सी छा गई, उसकी कातिल अदाएँ मेरे दिल-ओ-दिमाग पे छा गई, कही जोश-ऐ-जूनू … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, रेगिस्तान, हरियाली, इश्क-ऐ-जूनून, जोश-ऐ-जूनून

अंधेरे मे छुप गया चाँद मेरा...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अंधेरे मे छुप गया चाँद मेरा, हुआ उदास न जाने क्यों दिल मेरा, जानता हूँ न तू मेरी और न मैं तेरा, दीदा … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, उदास, चाँद, दीदार-ऐ-यार

दूर रह कर भी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दूर रह कर भी, कितने करीब हो तुम, आज ये जान पता हूँ, जब तेरी यादों को, सीने से लगाता हूँ, करीब रह के … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, दूर, करीब, यादों, पछताता

थक गया हूँ मुझे अब सोने दो...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: थक गया हूँ मुझे अब सोने दो, नींद के गावं मे खोने दो, थक गया हूँ मुझे अब सोने दो, परियों की गोद मे खो … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, प्यार, परियों, सोने दो, गावं

क्या कहूँ उसे...1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: क्या कहूँ उसे? लगे परियों सी सुंदर वो, कभी लगे नटखट गुडिया वो, कभी वो हँसाती कभी रुलाती, रोता देख वो … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, ज़िंदगी, परियों, रुलाती, हँसाती

जीवन के सब रंग लायी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जीवन के सब रंग लायी, देखो होली आई, लगा के ये रंग क्यों न आज, हम फिर जी उठे, खेल के ये रंगी होली क्यो … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, रंग, होली, होली आई, त्यौहार

चल पड़ा हूँ फिर उन्ही रास्तों पर...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चल पड़ा हूँ फिर उन्ही रास्तों पर, मंजिल का है पता मुझे, रास्ते का भी पता मुझे, पहुच जाऊंगा वक्त पर, ह … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, रास्तों, मंजिल, साथी, निगाह

नन्हें नन्हें हाथ लिए...4 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: नन्हें नन्हें हाथ लिए, चेहरों पे मुस्कान दिए, देखो चला आता है कोई, नाम पूछो तो न बतलाये, मंद मंद ये … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, नन्हें, हाथ, मुस्कान, खुशियाँ


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