फ़ासले हे दोनो में इतने फिर भी दिल से ये हे पास दूरियाँ है अनगिनत इन में मन में लिए मिलन की आस निहारते रेहते एक दूसरे को हर पल और हर मौसम नही छोड़ेंगे साथ कभी शायद लेते हे ये कसम जब मिलन की ये उमंगे स… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: फ़ासले हे दोनो में इतने फिर भी दिल से ये हे पास दूरियाँ है अनगिनत इन में मन में लिए मिलन की आस निहार … more →