बहुत कुछ कह देते है आपको हम अपना समझ के ख़ता गर हुई कोई कभी माफ़ करना नादान समझ के लफ़्ज़ों और जज़्बातों का ताल मेल बिखर जाए जो सहना भी मुस्कुराना भी तुम हमे अनजान समझ के | … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: बहुत कुछ कह देते है आपको हम अपना समझ के ख़ता गर हुई कोई कभी माफ़ करना नादान समझ के लफ़्ज़ों और जज़्ब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वो तुम ही तो हो रहता है जो इन झील सी निगाओं में बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो | नाम लेती हूँ जिसक … more →