मेरी हर नज़र बेक़रार’ और रूह बेताब है, लबों को भी न तस्लीम एक बूँद आब है रोज़-रोज़… more →
विनय wrote 4 months ago: मेरी हर नज़र बेक़रार’ और रूह बेताब है, ल … more →
Tags: मेरी त्रिवेणी, बूँद, बेताब, Curse, नज़र, soul, लब, रोज़, Lips
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