दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: यह ब्लाग (पत्रिका) आज बीस हजारिया हो गया-यानि इसकी पाठक संख्या बीस हजार पार हो गयी थी। इसने दस हजार … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शोएब अख्तर पर अनुशासनहीनता के आरोप में पांच साल क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद तैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कवि से उसने कहा ‘तुम कवितायेँ ही लिखते रहोगे या लोगों की भीड़ में भी सुनाओगे इस तरह लिखने से क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: निठल्ले करते हैं काम की बातें और जो करते काम किसी को नहीं सुनाते हो गया है जमाने का अंदाज यही बातों … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिन्दगी में मुश्किलें आतीं है कुछ सिखलातीं हैं तरीके जीतने के कुछ नये सलीके उनसे दूर रहने की कोशिश क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: लोगों को बाँट रहे सर्वश्रेष्ट का खिताब शब्दों की बाजीगरी करने की हैं किताब फ्लॉप से हिट में आने का य … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस दिन कुछ नहीं लिखा। मैं आज सोच रहा था की कोई गजल, गीत, कविता, कहानी, व्यंग्य या कोई लेख लिखूं पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नई सड़कें पहली बरसात में ही अपनी जगह से लापता हो जातीं है और फिर अखबारों में भी सुखियाँ पातीं है उसी … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते है … more →