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Blogs about: Arbe

इस ब्लोग (पत्रिका) के बीस हजारिया होने पर विशेष संपादकीय1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: यह ब्लाग (पत्रिका) आज बीस हजारिया हो गया-यानि इसकी पाठक संख्या बीस हजार पार हो गयी थी। इसने दस हजार  … more →

Tags: writing, Global Dashboard, vividha, inglish, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, हास्य व्यंग्य

प्रतिबंध के बाद लगाये शोएब अख्तर ने फिक्सिंग के आरोप

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शोएब अख्तर पर अनुशासनहीनता के आरोप में पांच साल क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद तैं … more →

Tags: arebic, आलेख, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, व्यंग्य चिंतन, संपादकीय, समाज, साहित्य

कवि मन को कभी नहीं समझ पाओगे-कविता 5 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कवि से उसने कहा ‘तुम कवितायेँ ही लिखते रहोगे या लोगों की भीड़ में भी सुनाओगे इस तरह लिखने से क … more →

Tags: writing, संस्कार, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, साहित्य, हिंदी साहित्य, Urdu

असली विजेता कहलाते हैं वही-कविता साहित्य 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: निठल्ले करते हैं काम की बातें और जो करते काम किसी को नहीं सुनाते हो गया है जमाने का अंदाज यही बातों … more →

Tags: Blogroll, writing, कविता, व्यंग्य चिंतन, शेर-ओ-शायरी, शायरी, चिन्तन, India, हास्य व्यंग्य

जिन्दगी की मुश्किलें-कविता साहित्य 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिन्दगी में मुश्किलें आतीं है कुछ सिखलातीं हैं तरीके जीतने के कुछ नये सलीके उनसे दूर रहने की कोशिश क … more →

Tags: writing, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, आलेख, साहित्य, हिंदी साहित्य, Urdu, arebic, edcation

सर्वश्रेष्ठ ब्लोगर का फैसला होना अभी बाकी 5 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: लोगों को बाँट रहे सर्वश्रेष्ट का खिताब शब्दों की बाजीगरी करने की हैं किताब फ्लॉप से हिट में आने का य … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, व्यंग्य चिंतन, शायरी, शेर

'उड़न तश्तरी'शब्द की वजह से कुछ नहीं लिखा 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस दिन कुछ नहीं लिखा। मैं आज सोच रहा था की कोई गजल, गीत, कविता, कहानी, व्यंग्य या कोई लेख लिखूं पर म … more →

Tags: arebic, कला, कहानी, दीपक भारतदीप, व्यंग्य चिंतन, समाज, साहित्य, सूचना, हास्य कविता

यह बात नहीं जमती है 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नई सड़कें पहली बरसात में ही अपनी जगह से लापता हो जातीं है और फिर अखबारों में भी सुखियाँ पातीं है उसी … more →

Tags: arebic, अनुभूति, कला, कविता, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भारत, भाषा, व्यंग्य चिंतन

ऐसा कोई सयाना नहीं रहा 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, अनुगूँज, कविता, यकीन, चरित्र, Shayri, Sher

संत कबीर वाणी:गाली से कलह, दु:ख और मृत्यु पैदा होती है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →

Tags: aastha, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, हिंदी, हिंदी साहित्य, हिन्दी


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