जो इश्क़ की आग भड़क उठी है जैसे मैं शोलों में जल रहा हूँ तेरे बदन की कशिश का है जादू देखकर तुझ को मचल रहा हूँ मुझे है ख़ाहिशो-तमन्ना1 तेरी मैं उम्मीद को मसल रहा हूँ एक यह ख़ाब मैं देखता हूँ कि तेरी मरम… more →
तख़लीक़-ए-नज़रAjad Panchhi wrote 6 months ago: ROME, Italy (CNN) — Italian paramilitary police carried out massive arrests Tuesday against t … more →
विनय wrote 7 months ago: गोरी, आज यह सिंगार किसके लिए है गुलाबी अंगों में निखार किसके लिए है क्या सजन जी से मिलने का कोई वादा … more →
विनय wrote 1 year ago: हमने तुमको तुमसे चुराया दिल में अपने तुमको बसाया तुम भी दीवाने हो गये हो दूर जो ख़ुद से हो गये हो आओ … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, दूर ख़ुद से हो गये हैं … more →
विनय wrote 1 year ago: Still faces Some unforgettable traces Make your mind Go back to you See, what… You had tried t … more →