तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे, जिनको दुनिया की निगाहों से छुपाये रखा, जिनको इक उम्र कलेजे से लगाए रखा, जिनका हर लफ्ज़ मुझे याद था पानी की तरह, याद थे मुझको जो पैगाम-ऐ-जुबानी की तरह, मुझ को प्या… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे, जिनको दुनिया की निगाहों से छुपाये रखा, जिनको इक उम्र कलेजे से … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हर कवि की कविता हर कवि की कविता अनमोल होती है कोहिनूर से भी ना उसका कोई तोल है | कविता कवि के हृ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: झुकी झुकी सी नज़र बेकरार है के नही, दबा दबा सा सही दिल में प्यार है के नही, तू अपने दिल की जवाँ धडकनो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो, आंखो में नमी हँसी लबो पर, क्या हाल है क्य … more →